सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के शिवालय मंदिर परिसर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा भगवान शिव एवं राष्ट्र गौरव के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली, निबंध लेखन, पेंटिंग एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन पूर्व दिवसों में किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। भजन एवं दीपोत्सव सन्ध्या का भी कार्यक्रम का आयोजन। प्रतियोगिताओं के माध्यम से सोमनाथ मंदिर के राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना तथा भारतीय स्वाभिमान से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया गया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में ओंकार जप, महाआरती, भजन का आयोजन भी किया गया।इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने अपने सन्देश में कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव सत्य, करुणा और सहअस्तित्व के मूल्यों पर आधारित रही है तथा सोमनाथ मंदिर इन आदर्शों की गौरवशाली अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय इतिहास और संस्कृति के प्रेरणास्रोतों को जानने तथा उन्हें आत्मसात करने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गर्व और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण का भी सशक्त साधन है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर नीता यादव ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं बल्कि भारतीय आत्मसम्मान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय विरासत के संरक्षण एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
प्रो हरीशकुमार शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सोमनाथ का इतिहास संघर्ष, आस्था और राष्ट्र गौरव की प्रेरक गाथा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा प्रोफेसर नीता यादव साकेत मिश्रा डॉ विशाल गुप्ता ने विभिन्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से भजन प्रस्तुत किया साकेत एवं उनकी टीम द्वारा की गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर दीपक बाबू प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह डॉ शरदेंदु त्रिपाठी शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।उक्त जानकारी सूचना जन सम्पर्क अधिकारी डॉ अविनाश प्रताप सिंह ने दी है।
