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मोटर दुर्घटना प्रतिकर में 76 लाख से अधिक की राहत, बैंकों ने वसूले 2.10 करोड़ रुपये

संत कबीर नगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशन तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह एवं नोडल अधिकारी कृष्ण कुमार-पंचम के नेतृत्व में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मा० जनपद न्यायाधीश द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 26,006 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें न्यायालयों में 3,893 मामलों तथा विभिन्न प्रशासनिक विभागों में 21,794 मामलों का निस्तारण शामिल रहा।

लोक अदालत में बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों ने 319 मामलों में 2,10,81,209 रुपये की ऋण वसूली की। वहीं न्यायालयों द्वारा 1,75,190 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया तथा 76,12,400 रुपये का मोटर दुर्घटना प्रतिकर दिलाया गया। इसके अलावा 44,63,432 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।

विभिन्न न्यायालयों में हुआ निस्तारण

जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत में 1 मामले का निस्तारण कर 500 रुपये अर्थदण्ड लगाया गया।

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नासिर अहमद की अदालत में 8 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया गया।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी-द्वितीय की अदालत में 35 मामलों का निस्तारण कर 76,12,400 रुपये प्रतिकर दिलाया गया।

अपर जिला जज-प्रथम गजेन्द्र की अदालत में 347 मामलों का निस्तारण किया गया।

स्पेशल जज पॉक्सो एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत कृष्ण कुमार-पंचम की अदालत में 2 मामलों में 100 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी की अदालत में 1,421 मामलों का निस्तारण कर 76,430 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

सिविल जज (सीडी) संजय राज पाण्डेय की अदालत में 348 मामलों का निस्तारण कर 44,63,432 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 22,310 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

सिविल जज (सीडी) एफटीसी अनन्या साह की अदालत में 368 मामलों का निस्तारण कर 7,610 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

जूडिशियल मजिस्ट्रेट अशोक कुमार कसौधन की अदालत में 344 मामलों में 42,350 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

ग्राम न्यायालय मेंहदावल के न्यायाधिकारी चन्दन सिंह ने 433 मामलों का निस्तारण कर 8,640 रुपये अर्थदण्ड वसूला।

सिविल जज (जूडी) एफटीसी निधि मिश्रा की अदालत में 75 मामलों में 5,130 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

सिविल जज (जूडी) एफटीसी अभिवन त्रिपाठी की अदालत में 510 मामलों का निस्तारण कर 11,120 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।

स्थायी लोक अदालत में एक मामले का आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण कराया गया।

चिकित्सा शिविर और ओडीओपी स्टॉल भी लगे

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर में “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना के तहत स्टॉल लगाए गए तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राकेश बिहारी शुक्ल, नाजिर बृजेश सिंह, लोक अदालत लिपिक रामभवन चौधरी, विनय, शैलेन्द्र, दीपक सहित स्वास्थ्यकर्मी, बैंककर्मी, अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक एवं वादकारी उपस्थित रहे।


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