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सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के धनुवाडीह उर्फ हजिरवा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम में मंगलवार को कथावाचक प्रभाकर वेदाचार्य ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।

कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जेल में वासुदेव के यहां अवतार लेकर संतो व भक्तों का सम्मान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जब-जब धरा पर अत्याचार, दुराचार व पापाचार बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। मथुरा में राजा कंस के अत्याचार से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रूप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया।

कथावाचक ने लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की मर्यादा और श्रीकृष्ण को तब समझोगे जब राम मय व कृष्ण मय बनोगे। जब भक्ति मार्ग में भक्त लीन रहता है, तब प्रभु के दर्शन होते हैं।

इस दौरान एडवोकेट ओम प्रकाश पाण्डेय, गिरीश प्रकाश पाण्डेय, मंटू पाण्डेय, प्रधान संघ अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, राम अचल यादव, अभिषेक , सौरभ, अंबुज, गौरव, प्रदीप, आदित्य आदि मौजूद रहे।


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