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सीतापुर। नैमिषारण्य को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘विकास भी, विरासत भी’ संकल्प के तहत नैमिष स्थित पुरानी धर्मशाला को आधुनिक “पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर” के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 3.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके लिए शासन ने 2.98 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है।

जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने बताया कि प्रस्तावित सेंटर में आने वाले श्रद्धालुओं को नैमिषारण्य के इतिहास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। भवन में विभिन्न थीम आधारित गैलरियां विकसित की जाएंगी, जिनमें सभ्यता का उदय, महाकाव्य और ज्ञानोदय जैसे विषयों को आकर्षक एवं आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत परिसर में एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया, मूर्तिकला मार्ग तथा आधुनिक प्रवेश लॉबी का निर्माण भी कराया जाएगा। भवन की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए पारंपरिक स्थापत्य और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय किया जाएगा। बाहरी हिस्से में खुली ईंटों की फिनिशिंग तथा अंदरूनी गलियारों में धार्मिक चित्रकारी आकर्षण का केंद्र होगी।

गोपाल शास्त्री, पीठाधीश कालीपीठ व प्रधान पुजारी श्री ललिता देवी मंदिर ने कहा कि यदि परियोजना में पौराणिक स्थलों के साथ-साथ नव निर्मित आधुनिक मंदिरों को भी शामिल किया जाए तो यह और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थलों पर इस प्रकार की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को काफी आकर्षित करती हैं।


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