•पीआरवी का रेस्पांस टाइम घटकर हुआ 3.55 मिनट
•तकनीकी अपग्रेडेशन और बेहतर प्रबंधन से मिली सफलता
•ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेस्पांस टाइम में अब आई भारी गिरावट
बस्ती। आपातकालीन पुलिस सेवा यूपी 112 पीआरवी ने जनपद वासियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पीआरवी (पुलिस रेस्पांस व्हीकल) के रेस्पांस टाइम में सुधार करते हुए अब पुलिस की मदद केवल 3.55 मिनट में मौके पर पहुंच रही है। इससे पहले यह समय औसतन छह मिनट दर्ज किया गया था। तकनीक और रणनीति का तालमेल कर यह उपलब्धि पीआरवी ने हासिल की है।
शासन की मंशा के अनुरूप अपराध पर लगाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता के संकल्प को पूरा करने के लिए यूपी 112 की कार्यप्रणाली में कई अहम बदलाव किए गए हैं। रेस्पांस टाइम में आई इस करीब 40 प्रतिशत की कमी के पीछे आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग, पीआरवी की रणनीतिक तैनाती और काल सेंटर की कार्यक्षमता में वृद्धि को मुख्य कारण माना जा रहा है। जिले के किसी भी कोने से 112 डायल करने पर पीआरवी की गाड़ी साढ़े तीन मिनट के करीब पहुंच जाएगी।
आंकड़ों की जुबानी: सुधार का सफर
पीआरवी के प्रभारी निरीक्षक राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह के मुताबिक रेस्पांस टाइम में सुधार के लिए सबसे पहले हाटस्पाट क्षेत्र चिंहित किया गया। जिन क्षेत्रों से अधिक काल आती हैं, वहां पीआरवी यूपी 112 की तैनाती को सघन किया गया है। अत्याधुनिक साफ्टवेयर की मदद से पीआरवी को घटनास्थल तक पहुंचने का सबसे छोटा और जाम-मुक्त रास्ता पहले से तय कर लिया जा रहा है। काल रिसीव करने वाले कर्मियों और फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच समंवय को और बेहतर बनाया गया है। बेड़े में नई गाड़ियां शामिल होने से कवर किए जाने वाले क्षेत्र का दायरा घटा है और दक्षता बढ़ी है।
आम जनता को मिल रहा सीधा लाभ:
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की इतनी त्वरित मौजूदगी से न केवल अपराधों को रोकने में मदद मिल रही है, बल्कि मौके पर अपराधियों की धरपकड़ भी आसान हुई है। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।
पीआरवी के रेस्पांस टाइम को और भी कम करना है, ताकि अपराधी को भागने का मौका न मिले और पीड़ित को गोल्डन आवर में सहायता प्रदान की जा सके। यह सुधार पुलिस के प्रति जनता के भरोसे को और मजबूत करेगा। रेस्पांस टाइम कम होने का सीधा फायदा सड़क हादसों, मेडिकल इमरजेंसी और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में देखने को मिल रहा है।
: डा.यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक, बस्ती
