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मिश्रिख। विकास खंड मिश्रिख में सोलर स्ट्रीट लाइटों की खरीद और स्थापना को लेकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। क्षेत्र पंचायत में प्रकाश व्यवस्था के नाम पर करीब 30 लाख रुपये के घोटाले की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। आरोप है कि सोलर लाइटों की खरीद शासन द्वारा निर्धारित दरों से लगभग 10 हजार रुपये प्रति यूनिट अधिक कीमत पर की गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सोलर लाइटों को क्षेत्र पंचायत में लगाया गया है, उनमें से कई लाइटें शुरू से ही ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं। कुछ लाइटें टिमटिमा रही हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप यह भी है कि जिन संस्थाओं से खरीद की गई, उनमें से कुछ विभाग में पंजीकृत नहीं थीं।

मामले को लेकर क्षेत्र में यह चर्चा है कि सोलर लाइट खरीद में खंड विकास अधिकारी और क्षेत्र पंचायत से जुड़े कुछ जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत रही है। आरोपों के अनुसार, सरकारी धन का उपयोग नियमों और शासनादेशों की अनदेखी करते हुए किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में विकास कार्यों के नाम पर और बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हो सकती हैं। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

बताया जा रहा है कि जनपद में लंबे समय से क्षेत्र पंचायत और विकास खंड स्तर पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में मिश्रिख क्षेत्र पंचायत का यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।


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