कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर अब व्यापार और उद्योग के साथ-साथ मुंह और गले के कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर भी चिंता का केंद्र बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में शहर में कैंसर मरीजों की संख्या में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी गंभीर विषय पर कानपुर में एक विशेष कैंसर कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें देशभर के करीब 200 विशेषज्ञों ने भाग लिया।
तंबाकू और प्रदूषण बने प्रमुख कारण
कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बताया कि खैनी, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का अत्यधिक सेवन कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि का मुख्य कारण बन रहा है। साथ ही बढ़ता प्रदूषण भी बीमारी को बढ़ावा दे रहा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि लोगों ने समय रहते सावधानी नहीं बरती तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आधुनिक तकनीक से संभव हो रहा नया जीवन
कैंसर सर्जन डॉ. आतिश कुंदू ने बताया कि पहले एडवांस स्टेज के मरीजों में जबड़ा या जीभ निकालने के बाद सामान्य जीवन जीना बेहद कठिन हो जाता था। लेकिन अब आधुनिक रिकंस्ट्रक्शन तकनीकों की मदद से शरीर के अन्य हिस्सों से नया जबड़ा और जीभ तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पैर की हड्डी से नया जबड़ा बनाया जा सकता है, जबकि जांघ के मांस की सहायता से जीभ का पुनर्निर्माण संभव है। इससे मरीज इलाज के बाद फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट पा रहे हैं।
मल्टी-डिसीप्लीनरी तरीके से हो रहा इलाज
विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर का उपचार अब केवल एक डॉक्टर तक सीमित नहीं रह गया है। इसके लिए सर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की संयुक्त टीम काम करती है। उपचार के दौरान सर्जरी से संक्रमित हिस्सा हटाया जाता है, रेडिएशन से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है और कीमोथेरेपी से इलाज को पूरा किया जाता है।
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि मुंह में लंबे समय तक घाव रहना, दर्द होना या सफेद दाग दिखाई देना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए, क्योंकि शुरुआती अवस्था में कैंसर का सफल इलाज संभव है।
देशभर के विशेषज्ञ हुए शामिल
कॉन्फ्रेंस में जम्मू, दिल्ली, गुजरात और पूर्वोत्तर भारत सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने कैंसर के आधुनिक उपचार, नई तकनीकों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
