रिपोर्ट: एल०एम० पाण्डेय।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर में कार्यशाला के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अत्याधुनिक ‘कम्प्यूटरीकृत ब्रेक परीक्षण फैसिलिटी’ (सिंगल कार टेस्ट रिग-एससीटीआर) का उद्घाटन किया गया। यह प्रणाली एलएचबी एवं आईसीएफ कोचों के अंतिम एयर ब्रेक परीक्षण को अधिक तेज, सटीक और विश्वसनीय बनाएगी।
महाप्रबंधक उदय बोरवणकर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा की उपस्थिति में एयर ब्रेक शॉप में इस आधुनिक प्रणाली का उद्घाटन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पर्यवेक्षक विजय कुमार, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनुज कुमार मिश्र, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सत्येंद्र कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आधुनिक तकनीकों का लगातार समावेश अनुरक्षण दक्षता और गुणवत्ता सुधार की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि नई प्रणाली के माध्यम से डिस्ट्रीब्यूटर वाल्व सहित अन्य ब्रेक उपकरणों की त्रुटिरहित जांच संभव हो सकेगी।
इस अत्याधुनिक प्रणाली में ऑटोमेटिक लॉगिंग, डिजिटल डिस्प्ले और डेटा रिकॉर्डिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसकी खासियत यह है कि बिना लोकोमोटिव के ही कोच के ब्रेक सिस्टम की स्वचालित जांच की जा सकती है। परीक्षण के दौरान एयर लीकेज, इमरजेंसी ब्रेक और ब्रेक रिलीज सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण स्थितियों की सटीक जांच संभव होगी, जिससे संभावित खामियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक में ‘इंटेलिजेंट टेस्टिंग एंड फेलियर सिमुलेशन’ जैसी आधुनिक सुविधा भी दी गई है, जिसके जरिए संभावित तकनीकी त्रुटियों का पूर्व आकलन किया जा सकेगा। इससे कोचों के अनुरक्षण कार्य को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी तथा रेल यात्रियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता को और मजबूती मिलेगी।
