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मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित विदाई समारोह 2026 के दौरान अपनी पढ़ाई पूरी कर जा रहे विद्यार्थियों की मायूसी और उदासी को उनके जूनियर्स ने अपनी जबर्दस्त प्रस्तुतियों से हवा में उड़ा दिया। वहीं मंच पर आए हास्य कलाकार सुनील पाल ने सभी को इतना हंसाया कि लोग पेट पकड़ने को मजबूर हो गए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उत्तीर्ण होकर जा रहे विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

विदायी समारोह के मुख्य अतिथि संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा आज कि शाम आपके जीवन की खूबसूरत शाम है। छात्र जीवन के दिनों की यादें आपके जीवन में हमेशा अनेक भावनाओं के साथ बनी रहती हैं। यहां से जाने के बाद जो भी करें वो ऐसा हो जिससे आपके माता-पिता, शिक्षक और आपका ये विवि गौरवान्वित हो। आप जहां भी रहें खुशहाल रहें। अपने दोस्तों और विवि से हमेशा जुड़े रहें, खूब आगे बढ़ें।

विवि की सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने विद्यार्थियों को नसीहत देते हुए कहा कि इस उम्र के बच्चे शिकायत करने की आदत डाल लेते हैं। उन्हें हर किसी से, हर बात से शिकायत होती है। इस मामले में वे न अपने माता-माता पिता को बख्शते न अपने संस्थान को। शिकायतें करना बंद करिए, आपको अपना नजरिया बदलने की जरूरत है और हमें क्या मिला है उसको सौगात समझना शुरू कर देंगे तो जीवन में कोई भी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक पाएगा। ऐसा काम करिए जिससे आपके देश, समाज, परिवार और विवि का नाम रौशन हो।

संस्कृति विवि के प्रति कुलपति प्रो.रघुराम भट्ट ने कहा कि आपका पाठ्यक्रम पूरा हो गया है। विवि ने वो सब दिया जो आपकी शिक्षा के लिए आवश्यक था। विवि ने अपनी सोच के अनुरूप आपके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास किया है। अब आपका जिम्मेदारी वाला जीवन शुरू हो रहा है, इसलिए अपनी जिम्मेदारियों का सफलता से निर्वाह करिए, यही शुभकामनाएं हैं।

कैप्स के निदेशक डा. रजनीश त्यागी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि आप लोगों के लिए आज का दिन भावनाओं से भरा है। विवि ने आपके जीवन में एक्सीलेंस भरने की कोशिश की है और अब आपको उसका प्रदर्शन करना है।

विदाई समारोह का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। छात्रा सरस्वती ने अपने भावपूर्ण नृत्य से गणेश वंदना को जीवंत कर दिया। इसी के साथ संस्कृति विवि के विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर प्रस्तुतियां देकर जिनमें गीतों पर नृत्य अधिक थे, सबकी खूब तालियां बटोरीं।

मंच पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी प्रदेशों की झांकियां इन प्रस्तुतियों में नजर आईं। छात्रा खुशी लोहिया का एकल नृत्य, भूमिका और उनके दल का समूह नृत्य, ब्रजबाला और नंदिता का बालीवुड मिक्स गीतों पर नृत्य, अल्याना, कोनान्जेल, पवन एवं लाहिरी, गुंजन पाठक, ट्विंकल शर्मा के नृत्यों, छात्र निषांत पांडे के वांसुरी वादन और ओमकार, आयुषमान की गायकी ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।

इस दौरान संस्कृति स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों ने भारतीय परिधानों के साथ रैंप वाल्क किया। इस दौरान विदा ले रहे विद्यार्थियों से रोचक प्रश्न पूछे गए और विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। विदाई समारोह के इस भाग का संचालन छात्र दुर्गेश और नंदनी चतुर्वेदी ने बड़ी कुशलता के साथ किया।


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