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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि सीडीएस का पदभार संभालने के साथ ही अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे।

रक्षा मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए उन्हें चार दशकों से अधिक की विशिष्ट सैन्य सेवा वाले अत्यंत सम्मानित अधिकारी बताया है। वर्तमान में वे सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे सेना के उप प्रमुख और केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्होंने पश्चिमी और उत्तरी मोर्चों पर कई महत्वपूर्ण परिचालन इकाइयों का नेतृत्व किया है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि ने अपने सैन्य करियर की शुरुआत राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से की थी और दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने सेना और रक्षा प्रतिष्ठान में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए व्यापक रणनीतिक और परिचालन अनुभव हासिल किया।

उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के ब्रैक्नेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद वे भारत लौटे और एक पर्वतीय ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर के रूप में कार्यभार संभाला। बाद में उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज में अध्ययन किया।

उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां भी उल्लेखनीय रही हैं। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री तथा मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एम.फिल की उपाधि प्राप्त की है।

अपने 35 वर्षों से अधिक लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न सैन्य अभियानों और संघर्ष क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। इसके अलावा वे कजाकिस्तान के अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में रक्षा अटैची के रूप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

कर्नल के पद पर रहते हुए उन्होंने सेना मुख्यालय में सैन्य सचिव शाखा में सहायक सैन्य सचिव और पूर्वी कमान मुख्यालय में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशन) के रूप में भी कार्य किया। जम्मू-कश्मीर में उन्हें राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के उप कमांडर के रूप में तैनात किया गया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), सेना पदक (एसएम) और विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है।


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