•AI की मदद से तैयार करते थे नकली टिकट, चार आरोपी दबोचे गए।
लखनऊ। राजधानी के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के बाहर आईपीएल मैच के दौरान फर्जी टिकट बेचकर लोगों से ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 7 मई 2026 को जालौन निवासी प्रदीप सिंह आईपीएल मैच देखने के लिए इकाना स्टेडियम पहुंचे थे। स्टेडियम के बाहर कुछ युवकों ने उन्हें टिकट बेचने की पेशकश की। प्रदीप सिंह ने दो टिकट खरीदकर डिजिटल माध्यम से एक हजार रुपये का भुगतान किया। हालांकि, स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान टिकट फर्जी पाए गए। इसके बाद पीड़ित ने थाना सुशांत गोल्फ सिटी में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है। सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जनपद के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अधिक पैसा कमाने के लालच में उन्होंने फर्जी आईपीएल टिकट तैयार करने की योजना बनाई थी। गिरोह में शामिल विश्वजीत साहू डिजाइनिंग का कार्य करता था। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से असली टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड कर डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से नकली टिकट तैयार किए।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि टिकटों को असली जैसा दिखाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और आधुनिक डिजाइनिंग टूल का इस्तेमाल किया गया। टिकटों की बनावट, रंग, आकार और कागज की गुणवत्ता को भी असली टिकटों जैसा बनाया गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इससे पहले दिल्ली स्थित अरुण जेटली स्टेडियम में भी नकली टिकट बेचने का प्रयास कर चुके थे, लेकिन बारकोड मेल न खाने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने टिकटों में सुधार किया और 6 मई को लखनऊ पहुंचकर होटल में ठहरे। अगले दिन इकाना स्टेडियम के बाहर लोगों को कम कीमत का लालच देकर नकली टिकट बेचे गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 फर्जी आईपीएल टिकट, 14 अतिरिक्त नकली टिकट, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, पेपर कटर, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, पहचान पत्र तथा घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है। ऑनलाइन भुगतान मुख्य रूप से आरोपी श्रीकांत बोरकर के बैंक खाते में लिया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह विभिन्न राज्यों में क्रिकेट मैचों और बड़े आयोजनों के दौरान संगठित तरीके से फर्जी टिकट बेचकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। साइबर सेल अब आरोपियों के डिजिटल उपकरणों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा है और इसमें अन्य कौन-कौन शामिल हैं।
कमिश्नरेट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खेल आयोजन या कार्यक्रम के टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से ही खरीदें तथा संदिग्ध व्यक्तियों से टिकट लेने से बचें।
