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लखनऊ। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को विगत मार्च माह से मानदेय न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के सामने परिवार चलाना, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों एवं दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत कर्मचारी लगातार मानसिक तनाव में कार्य करने को मजबूर हैं।

उत्तर प्रदेश क्षयरोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर कर्मचारियों की पीड़ा से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण अभियान में कार्यरत कर्मचारी दिन-रात अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन दो माह से वेतन न मिलने से उनके घरों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। कई कर्मचारियों के बच्चों की फीस लंबित है तो कई परिवारों के सामने भोजन तक का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने के बावजूद कई कर्मचारी स्वयं बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारियों के लिए अपने परिवार एवं स्वयं का उपचार कराना कठिन होता जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने पत्राचार के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर कर्मचारियों का लंबित मानदेय शीघ्र जारी कराने एवं स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि हजारों परिवारों को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। ऐसे में सरकार को भी कर्मचारियों की पीड़ा को समझते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए।


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